Shayari sangrah
मेरी तकदीर हो जबसे मुलाकात हुई है जिंदगी हर दिन सवरने लगी है खुश नसीब हूं कि मुझे प्यार करने लगी हो अब कोई कमी महसूस नहीं होती है हर पल खुशियों में गुजरने लगा हैतुम्हारी खूबसूरत आंखें प्यार का इजहार कर रही है तुम्हें पाने को मन मचलने लगा है दूरियों को बर्दाश्त कर नहीं पाऊंगा उम्र भर साथ रहने का इंतजाम कर दो